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मंगलवार, 5 जून 2018

किन्नर - 7


ओट्टोमन साम्राज्य में अनेकों किन्नर शाही हरम और उसमें रहने वालों के रक्षक बतौर काम किया करते थे इस हेतु उन्हें पर्याप्त राजनैतिक शक्तियां प्राप्त हुआ करती थीं । कई बार अन्य क्षेत्रों से बच्चों को पकड़ कर लाने और उन्हें किन्नर बनाने का कार्य भी वे किया करते, इनमें से अनेकों उच्च शिक्षित किन्नर भी होते । अफ्रीकी मूल के कई किन्नर असाधारण किज़लर आगा विरासत के सदस्य थे । किज़लर आगा यानि कि किन्नर मुखिया । प्रथम किज़लर आगा, इथोपियाई मूल का किन्नर मोहम्मद आगा था जो कि सुलतान मुराद 3 के दरबार में पदाधिकारी बना । उसे किज़लर आगा का पद, इसलिए मिला क्योंकि वो दरबार में अत्यधिक प्रभावशाली था ।

उसने अत्यंत सुंदर पांडुलिपियों की निर्मिति की देख रेख की / मार्गदर्शन किया ।  उल्लेखनीय है कि शाही दरबार में अफ्रीकी मूल के अनेकों किन्नर लाकर वह अपने प्रभावपूर्ण पद पर बना रहा । ओट्टोमन साम्राज्य और उस जैसी अधिकाँश मुस्लिम सल्तनतों में किन्नरों को उनकी योग्यता के अनुरूप कार्य सौंपे जाते थे, उन दिनों विजित क्षेत्रों में इस तरह के अभियान चलाये जाते कि वहाँ के बच्चों को पकड़ कर बंध्याकृत किया जाता और साम्राज्य की सेवा में सौंप दिया जाता । विजित क्षेत्रों के अतिरिक्त, अफ्रीकी महाद्वीप के बच्चे बहुतायत से इस निंदनीय परम्परा का शिकार बनाये जाते । 

बच्चों को उनके नैसर्गिक निवास स्थानों से बलपूर्वक उठाकर अथवा निर्धनता की एवज कुछ मोल चुका कर मानव मंडियों का खरीदी बिक्री योग्य माल बना दिया जाता और फिर व्यापारी / संपन्न लोग मानव मंडियों में लगने वाली बोलियों में, तुलनात्मक रूप से ऊंचे दाम लगा कर इन बच्चों को खरीद लेते ।  अक्सर यह सिलसिला एक मालिक से दूसरे अथवा तीसरे,चौथे मालिक तक चलता रहता और वे बच्चे भाग्यशाली होते जिन्हें शाही खरीदार मिल जाते, जिसके कारण से उनकी बारम्बार खरीदी बिक्री का सिलसिला थम जाता तथा उन्हें अपने अंतिम स्वामी के साथ अपने जीवन की दिशाएँ तय करने का अवसर मिलता ।  

शाही सेवाओं में दाखिल किन्नर बच्चों में से अनेकों उन्नति की सीढियां चढ़ते जाते और उन्हें दरबार में अपनी प्रभावशीलता बनाये रखने के लिये अपने मूल निवास क्षेत्र से नये नये किन्नर बच्चे लाने का सिलसिला बनाये रखना स्वभाविक लगता था क्योंकि ऐसा कर के वे शाही आधिपत्य क्षेत्र में स्वयं की स्थिति को सुदृढ़ कर रहे होते थे ।  चूंकि मोहम्मद आगा इथोपियाई मूल का किन्नर था अतः उसे अफ्रीकी किन्नर समूह की संख्या वृद्धि के आधार पर स्वयं की प्रभुता बनाये रखना औचित्य पूर्ण लगता था ।  बहरहाल वो एक शिक्षित व्यक्ति था, जिसने ओट्टोमन साम्राज्य के दस्तावेजों / पांडुलिपियों के संरक्षण का महत्वपूर्ण कार्य किया । 


सोमवार, 4 जून 2018

किन्नर - 6


किन्नर सीमा कियान के पिता निपुण खगोलशास्त्री और दरबारी इतिहासकार थे, उन्हें अर्वाचीन शाही चीनी दरबारों की दैनिन्दिक गतिविधियों का अभिलेखन करना पड़ता था ! अपनी मृत्यु शैय्या पर उन्होंने अपने पुत्र सीमा कियान से अनुरोध किया कि वो अपने पिता के महत्वपूर्ण कार्यों को आगे भी जारी रखे ! सीमा कियान ने अपने पिता के आग्रह को स्वीकार करते हुए, चीनी कैलेंडर में संशोधन के साथ ही साथ,ज्ञात चीनी इतिहास का दस्तावेजीकरण किया ! कहते हैं कि सम्राट वू ने अपने सेना प्रमुख ली लिंग को किसी घुमक्कड समूह / खानाबदोश कबीले से युद्ध करने भेजा था यह युद्ध ली लिंग हार गया !

इसके बाद सम्राट वू ने ली लिंग के पूरे परिवार को मृत्यु दंड की सजा सुना दी चूंकि सीमा कियान ने इस मुद्दे में ली लिंग की ओर से पैरवी की थी अतः सम्राट वू ने उसे भी मृत्यु दंड अथवा बंध्याकृत होने की सजा सुनाई थी ! सीमा कियान ने बंध्याकृत / किन्नर होने का विकल्प चुना ताकि वह जीवन जिये और अपनी किताब / संचित ज्ञान के अभिलेख, मुकम्मल कर सके ! कथानक से स्पष्ट है कि सीमा कियान एक सामान्य पुरुष था, किन्तु उसे पराजित सेना प्रमुख ली लिंग की पैरवी करने के कारण से बंध्याकृत होने अथवा मृत्यु दंड स्वीकार करने का विकल्प दिया गया था !

उसने बंध्याकृत जीवन चुना ताकि वो अपने अर्जित / संचित ज्ञान का दस्तावेजीकरण कर सके, यदि वह मृत्यु को चुनता तो यह निश्चित था कि दस्तावेजीकरण के अभाव में ज्ञान विलोपित हो जाता ! यूं तो किसी आरोपी को न्याय दिलाने के नाम पर, न्याय पीठ के समक्ष, आरोपी के उज्जवल पक्ष, रखना कोई अपराध नहीं है, यदि सीमा कियान ने ऐसा किया तो इसमें अनुचित क्या था ? बहरहाल हमें स्मरण रहना चाहिए कि सीमा कियान किसी लोकतांत्रिक न्याय व्यवस्था में, आरोपी का पैरवीकार नहीं था !

दरअसल वो निरंकुश राजवंश की निरंकुश और व्यक्ति आग्रही / व्यक्ति केंद्रित, न्याय व्यवस्था के समक्ष, न्याय का पक्षकार बनना चाहता था ! राजतन्त्र के समक्ष खड़े ऐसे पक्षकार को दण्डित किये जाने के खतरे तो खैर होते ही हैं ज़ाहिर है कि सीमा कियान ने जोखिम मोल लिया ! उसे मृत्य दंड के समानान्तर पौरुष को आहत करने वाली सजा में से किसी एक को चुनना था ! उसने पौरुष के अभिमान का परित्याग किया ! सीमा कियान सृजन धर्मी पिता का सृजन धर्मी पुत्र था !

उसने सृजन धर्मिता को जीवित रखने के लिये स्वयं के पुरुषत्व को मर जाने दिया ! उसे चीनी इतिहास के महत्वपूर्ण नायको में गिना जाएगा क्योंकि वो निरंकुश व्यवस्था के समय में न्याय के पक्ष में खड़ा था और उसने समय की गणना को संशोधित तथा व्यवस्थित करने का प्रयास किया ! चीनी इतिहास का दस्तावेजीकरण उसके मुकुट में एक और मोर पंख है !