शुक्रवार, 1 जून 2018

किन्नर - 3


वियतनामी इतिहास में किन्नर ली थु ओंग किएट का नाम बेहद महत्वपूर्ण है ! वो ग्यारहवीं शताब्दी में वियतनामी सैन्य प्रमुख था ! उसके दिल-ओ-दिमाग में सदैव सेना संबंधी बातें छाई रहतीं, उसे सेना से मोह था ! वियतनाम की ओर से उसने तीन विदेशी आक्रमणकारी सम्राटों से युद्ध किया और अपने देश की सीमाओं का विस्तार करते हुए, उन्हें अक्षुण रखा ! हालांकि उसकी ख्याति उन चीनी सामंतों के वंशजों को पराजित करने के कारण से थी, जिन्होंने शताब्दियों तक वियतनामी क्षेत्र को अपने आधिपत्य में रखा था ! किन्नर ली थु ओंग किएट ने अपने देश की स्वतंत्रता का घोषणा पत्र लिखा ! वो व्यावहारिक रूप से एक स्वतंत्रता योद्धा था ! 

गौर तलब है कि वियतनाम, उसके पड़ोसी देश चीन की तुलना में अत्यंत छोटा देश है, उसे अनेकों बार चीन की आक्रामक सेनाओं, सामंतों और सम्राटों की विस्तारवादी नीतियों का शिकार होना पड़ा ! वे वियतनाम को निगल जाना चाहते थे, उसके भू-भाग को हड़प लेना चाहते थे, उन्हें वियतनाम के प्राकृतिक संसाधनों पर बलपूर्वक अधिकार चाहिए था ! उनकी विशाल सेनाओं की तुलना में वियतनाम की जनसँख्या / सैन्य बल अत्यल्प था !  ऐसे में ली थु ओंग किएट का योगदान और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है !

उसने महाकाय सेनाओं के सामने लघु सेना का नेतृत्व किया और विजय पाईं, उसका देश, चीनी सामंतों के कब्ज़े से मुक्त हुआ ! यह निश्चित है कि प्रतिद्वंदी सैन्य बलों की संख्या अथवा शक्ति की तुलना में इन युद्धों का आकलन करना सर्वथा अनुचित होगा, क्योंकि चीनी सैन्य बल, हर लिहाज़ से वियतनामी सैन्य बलों पर भारी थे, ऐसे में कुशल युद्ध रणनीति और दक्ष नेतृत्व ही वियतनाम की जय लिख सकता था, सो यह मान लेने में कोई हर्ज़ नहीं है कि, ली थु ओंग किएट एक महान युद्ध रणनीतिकार, दक्ष सेनापति और असाधारण स्वतंत्रता सेनानी था !