सोमवार, 16 मार्च 2009

प्रतिभा तुम सच कहो वो चोरी तुमने क्यों की थी ?

पृष्ठभूमि :
घटना कोई १०-१५ साल पुरानी है , मेरे मित्र कालेज में मैथ्स के प्रोफेसर थे और उन दिनों , उनकी तनख्वाह अच्छी खासी तथा दूसरे नौकरशाहों के लिए ईर्ष्या का विषय थी लेकिन वो फ़िर भी ट्यूशन जैसा प्रतिबंधित काम करने को निरंतर तत्पर रहा करते थे ! उनके घर पर ट्यूशन पढने वाले विद्यार्थियों का ताँता लगा रहता और वो सभी को शिफ्टों में निपटाया करते थे ! बी.एससी. फाइनल मैथ्स के उनके ट्यूशनार्थियों में प्रतिभा का नाम भी सम्मिलित था ! एक दिन कालेज में एक्ज़ामिनेशन के दौरान मेरी आँखों के सामने प्रतिभा को चोरी करते हुए पकड़ा गया और माफ़ी मांगने पर छोड़ भी दिया गया था ! परन्तु ये बात आज तक मेरे गले नहीं उतरी और मैं पूछना चाहता हूँ कि प्रतिभा तुम सच कहो वो चोरी तुमने क्यों की थी ?
आज :
घटना के बाद प्रतिभा नें अखिल भारतीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण कर ली और वो आज एक जिले में 'व्यवस्था' के बड़े अधिकारी के रूप में तैनात है !
स्पष्टीकरण :
घटना का ब्यौरा देते हुए कुछ बाते अधूरी रह गई हैं !
1- दरअसल उन दिनों प्रोफेसर साहब की शिकायत थी कि उनका 'स्कूटर' पिछले कई महीनों से 'माइलेज' बहुत कम दे रहा है !
2- जबकि प्रतिभा को उनके स्कूटर से पेट्रोल चोरी करते हुए पकड़ा गया था !
3- और बाद में पता चला कि लंबे समय से स्कूटर का 'माइलेज' प्रतिभा के हांथों 'तय' हो रहा था !
4- उसका नाम प्रतिभा नहीं है ! उसे तो अखिल भारतीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा में उत्तीर्ण होने के कारण से प्रतिभा कहा जा रहा है वर्ना वो तो एक हट्टा कट्टा , बांका सजीला पुरूष है !
अब आप तय करें वो चोरी थी या शरारत या कुछ और ?

4 टिप्‍पणियां:

  1. इसे कहते हैं नाक में दम करना ।

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  2. baat bahut achhi kahi hai...lekin filmo ki tarah story ko ghumaya jyada hai....

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  3. जो ऐसी शरारतें करता था वह बुद्दिमान तो रहा ही होगा। किसी साजिश के द्वारा फसा लिया गया होगा।

    प्रतिभा के दम पर परीक्षा पास करने वाले भी आजकल हताशा में जी रहे हैं। काश उन्हें छूट मिलती।

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