बुधवार, 7 जनवरी 2009

टोल डो !

डायरी से :
२१.१२.०८ : दोपहर तक़रीबन दो बजे कार , स्कूल बस के बगल में खड़ी करके ,छुट्टी होने का इंतजार कर रहा था कि बस में बच्चों के शोर गुल की आवाज़ सुन कर उधर देखा और पाया कि कुछ बच्चे आपस में झगड़ा कर रहे हैं और एक छोटा सा बच्चा मुझसे पूछ रहा है कि आप कार का दरवाजा खोल कर क्यों बैठे हो ? बच्चा काफी कम उम्र और काफी क्यूट है उसके पैरेंट्स ने अभी उसका मुंडन नहीं कराया है और इसीलिए बच्चे नें दो चोटियाँ बांधी हुई हैं ! पूछने पर पता चला कि बच्चा नर्सरी में पढ़ता है और उसका नाम आकाश तिवारी है !

२२.१२.०८ : आज वह बच्चा फ़िर दिखाई दिया ! दूसरे बच्चे उसे तंग कर रहे थे ,उसने मुझसे शिकायत की और मैंने दूसरे बच्चों को डांट पिलाई ,आकाश बहुत खुश दिखाई दिया !

२९.१२.०८ : शीतकालीन छुट्टिया ख़त्म हुई ! कार खड़ी करके मैं कुछ सोच रहा था कि बस से आकाश की आवाज आई ! ओये ....... ओये ! मैंने ध्यान दिया तो उसने पूछा क्या कर रहे हो ! मैंने कहा अरे मैं तो गाड़ी बंद करके तुम्हीं को ढूँढने वाला था ! वो खुश दिखाई दिया !

३०.१२.०८ :बस में आज आकाश दिखाई नहीं दिया ! शायद मुझे उसका दिखाई देना और बातें करना अच्छा लगने लगा है !

७.१.०९:सुबह सुबह मेरी गाड़ी बस के पीछे पीछे चल रही थी और आकाश बस के पिछले कांच से झांक कर हाथ हिला रहा था ! स्कूल पहुँच कर सारे बच्चे झुंड में अपने अपने क्लास रूम में जा रहे थे लेकिन आकाश भीड़ में से मेरे पास आया और मेरी अंगुली पकड़ कर बोला "टोल डो" (यानि कि छोड़ दो ) मैं उसे उसकी क्लास तक छोड़ने गया ! उसने बहुत मजबूती और गर्मजोशी से मेरी अंगुली थमी हुई थी गोया इतनी भीड़ में उसे सिर्फ़ मेरा ही भरोसा हो !


यूँ तो आकाश एक नन्हा बच्चा है और वो नहीं जानता कि मैं कौन हूँ मेरा धर्म ,मेरी जाति क्या है ! आकाश मासूम है और बड़ी उम्र के लोगों जैसी नफरतें उसकी जेहनियत का हिस्सा नहीं हैं ! वो भेदभाव नहीं जानता ! वो तो उन शब्दों को जानता ही नहीं जो इन्सान से इन्सान की दूरी के प्रतीक हैं !

मैं ये सोचता हूँ कि क्या ये मुमकिन है कि हर इंसान आकाश जैसा निश्चल ,निष्कपट , और मासूम हो जाए ?

काश हर इंसान एक दूसरे पर बेधड़क,बेहिचक, भरोसा करके कह सके "टोल डो"

2 टिप्‍पणियां:

  1. एक चेहरा पा लिया तुम्हारी डायरी नें .अमृता प्रीतम भी है .आकाश खुश-----------जमीन भी खुश.

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  2. मैं ये सोचता हूँ कि क्या ये मुमकिन है कि हर इंसान आकाश जैसा निश्चल ,निष्कपट , और मासूम हो जाए ?

    काश हर इंसान एक दूसरे पर बेधड़क,बेहिचक, भरोसा करके कह सके "टोल डो"


    ईश्वर आपकी बात रखे और हम सब ईश्वर की!

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