शुक्रवार, 12 अक्तूबर 2018

गुन गुन पाखी



अमेरिकन इंडियंस कहते हैं कि, मुद्दतों पहले हमिंग बर्ड बेहद सुरीली गायक हुआ करती थी, लेकिन उसे ख़ुश्बूदार फूलों के नाभि रस से इस कद्र मुहब्बत थी कि वो बर-हमेश इसी जतन में लगी रहती कि जितना ज्यादा हो सके, रस पी ले ! बहरहाल उसकी हवस का नतीजा ये हुआ कि मृदु पेय पी पी कर उसका गला चोक होने लगा और उसकी छाती में कफ की मात्रा बढ़ने लगी ! चूंकि वो अपना ज्यादातर वक्त फूलों के इर्द गिर्द मंडराते हुए बिताती थी, सो उसके पास गायकी के रियाज़ का वक्त कम पड़ने लगा ! नतीजतन सालों-साल तक बे-रियाज़ी रहने, गले के चोक हो जाने और लंबे वक्त से जमें कफ की वज़ह से उसकी आवाज गुम होने लगी और आहिस्ता आहिस्ता पूरी तरह से खो गई बस यही वज़ह है कि हमिंग बर्ड सिर्फ गुन गुन कर पाती है ! बहरहाल इसका मतलब ये भी नहीं कि वो शब्दों को भूल गई हो...