राजकुमारी मे यी को एक बहादुर नौजवान से लगाव था और वो उससे
ब्याह करना चाहती थी हालांकि युवक बेहद गरीब था । राजकुमारी की मां इस बात से बहुत
खफा थी क्योंकि वो खुद ही उस युवक से ब्याह करना चाहती थी । एक दिन उसने गुस्से
में, मे यी से सवाल किया कि क्या तुम उस गरीब नौजवान से शादी करना चाहती हो ? जबकि
तुम जानती हो कि तुम दुनिया की सबसे हसीन लड़की हो और तुम्हारे खानदान के मुकाबले
में उस युवक का खानदान कुछ भी नहीं है । यह सुनकर मे यी ने अपनी मां से कहा मैं
उसे बहुत करीब से जानती हूं । वो मेरे लिए कुछ भी कर सकता है । वो एक नेक नीयत
इंसान है और हम दोनों एक दूसरे से बेइंतिहा प्यार करते हैं । यह सुनकर मे यी की
मां खामोश हो गई लेकिन उसे यह रिश्ता किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं था ।
कहते हैं कि एक रोज उस रियासत में एक खूंखार ड्रेगन आ गया
और उसने रियासत के बहुत सारे इंसानों को मार डाला । इंसानी जानों का नुकसान होते
देखकर मे यी की मां ने घोषणा कि जो भी व्यक्ति उस ड्रेगन को मार डालेगा । वो उसकी
इच्छा पूरी करेंगी । राजमाता की इस घोषणा को सुनकर मे यी के प्रेमी ने इसे एक
सुअवसर मानकर, राजमाता से कहा कि वो ड्रेगन को मारने जाएगा । उसके दिल में, मे यी
के लिए बेपनाह इश्क था और उसका ख्याल था कि अगर ड्रेगन को मार पाया तो राजमाता से,
मे यी का हाथ मांग लेगा, हालांकि वो ड्रेगन से युद्ध का जोखिम उठा रहा था लेकिन
उसके पास और कोई विकल्प शेष भी नहीं था, क्योंकि राजमाता के विरोध के चलते उसका
इश्क पोखर की तरह से ठहर गया था, जिसमे भविष्य के लिए कोई लय नहीं थी ।
युवक ने मे यी को समझाया कि मेरी चिंता मत करो मेरे पास
ड्रेगन को मारने की योजना है । ड्रेगन से युद्ध में जय, विजय की संभावना बराबर थी ।
हारे तो सब खोया और जीते तो इश्क को पाया । मे यी फिक्र मंद थी और अंदर से युवक भी
आशंकित था लेकिन प्रेमिका को पाने की लालसा ने उसे हौसला दिया । वो तलवार लेकर
ड्रेगन को मारने के लिए निकल पड़ा । ड्रेगन बहुत ताकतवर था । उसने युवक के हाथ पैर
और पूरे जिस्म मे गंभीर चोटें पहुंचाई
लेकिन युवक को मे यी का ख्याल था वो बहादुरी से लड़ता रहा। ये युद्ध भीषण
था। बहरहाल युवक ने ड्रेगन को शिकस्त दे दी, ड्रेगन मारा गया। प्रेमी की विजय पर
मे यी की आँखों में खुशी के आँसू थे। वो जानती थी कि नौजवान ने उसके लिए यह जोखिम
मोल लिया था जबकि इस युद्ध में उसकी जान भी जा सकती थी ।
वो युवक के व्यवहार से अभिभूत थी । ड्रेगन से भयंकर युद्ध
में घायल जवान ने घर वापस लौटते ही सबसे पहले राजमाता से, मे यी का हाथ मांगा ।
राजमाता, ड्रेगन को मार डालने वाले योद्धा के प्रति पहले से ही वचनबद्ध थी सो
उसने, मे यी और युवक के ब्याह की अनुमति
दे दी । जिसके बाद वो दोनों आजीवन एक दूसरे का होकर जिए ।
यह आख्यान मलेशिया की किसी रियासत की राजकुमारी के इश्क के
हवाले से कहा सुना जाता है । प्रथम दृष्टया यह एक सपाट सी प्रेम कथा लगती है जिसमे
प्रेमी, प्रेमिका को पाने के लिए रास्ते की सभी बाधाओं से जूझता है और अंततोगत्वा
आख्यान का अंत सुखांत हो जाता है । हालांकि कथा को फिर फिर बाँचें तो इसके कुछ
बिन्दु चौकाने वाले हैं जैसे कि प्रेमिका राजकुमारी है और प्रेमी बहादुर योद्धा,
किन्तु निर्धन । अतः प्रेम में आर्थिक खाई का ऊंच नीच गौर तलब है,जहां प्रेमिका,प्रेमी की आर्थिक विपन्नता के बजाए,प्रेमी की बहादुरी और स्वयं के प्रति उसके
समर्पण का खास ख्याल रखती है।कथनाशय यह है कि प्रेमासक्त जोड़े के सामने आर्थिक
वर्ग भेद मायने नहीं रखता। वो दोनों बस प्रेम मे हैं और आगे भी साथ रहना चाहते
हैं।
इस मिथक से एक और दिलचस्प बिन्दु प्रकटित होता है कि मे यी
की मां जो इस रियासत की राजमाता है स्वयं भी उस युवक को चाहती है । वो भली भांति
जानती है कि उसकी पुत्री भी उस युवक के इश्क में मुब्तिला है । उसके मन में कदाचित
अपनी ही पुत्री के प्रणय संबंध के प्रति ईर्ष्या का भाव है इसीलिए वो अपनी पुत्री को
इस संबंध की अनुमति नहीं देती बल्कि पुत्री के अप्रतिम सौन्दर्य और खानदानी ऊंच
नीच का हवाला देते हुए टाल मटोल करती है जबकि वो स्वयं ही इस युवक के प्रति
आकर्षित है और उस युवक की निर्धनता उसके लिए मायने नहीं रखती। अगर कथा संकेतों को
ग्रहण करें तो राजमाता निःसंदेह उस युवक से आयु में भी बड़ी रही होगी क्योंकि युवक
उसकी पुत्री का समवयस्क था अतः मे यी के मार्ग में बाधक बन गई राजमाता,मे यी को
हतोत्साहित करती है और खुद के लिए आगे का रास्ता हमवार करती है ।
आख्यान में निहित इस तथ्य को हम राजमाता के अनैतिक यौन
आकर्षण का नाम भी दे सकते हैं क्योंकि पुत्री के प्रणय संबंधों से परिचित होकर भी
राजमाता स्वयं के लिए प्रेम के द्वार खोलती दिखाई देती हैं और इसके लिए वो अपनी
सामाजिक और राजनैतिक संस्थिति, प्रभुता का इस्तेमाल करती है । मिथक में ड्रेगन के
आगमन और उसकी हिंसा को प्रातीतिक रूप से स्वीकार करें तो ड्रेगन कोई शक्तिशाली
शत्रु है जिसकी हिंसा से रियासत के नागरिक और राजमाता परेशान है और इसे संयोग माने
कि राजमाता रियासत के विजयी योद्धा को उसकी इच्छा पूर्ति का वचन देती हैं। युवक
भयभीत तो है पर वो इसे सुअवसर भी मानता है कि उसकी जय,उसको रियासत से,प्रेयसी मे
यी का उपहार दिला देगी।सो वो प्रेमिका को समझा बुझा कर युद्ध भूमि जाता है।
घायल होने के बावजूद वो शत्रु से युद्ध करता है और शत्रु की
मृत्यु के रूप में, मे यी का वरण करता है । कथा कहती है कि प्रेम, युवक का साहस है
और फिर प्रेमिका का यह विश्वास भी नहीं टूटता कि उसने प्रणय संगी चुनने मे कोई भूल
नहीं की है ।