मंगलवार, 16 अक्तूबर 2018

सखियां



गुज़रे ज़माने की बात है जब कि मां परिंदों को अपने बच्चों के लिए पंखों वाली पोशाक सिलना पड़ती थी ! दुर्भाग्यवश मुर्गी मां की सुई खो गई थी सो उसने अपनी सखि, बाज़ मां से सुई उधार ले ली, लेकिन वो समय पर बाज़ मां को उसकी सुई वापस करना भूल गई ! बहरहाल बाज़ मां जब भी अपनी सुई वापस लेने आती, मुर्गी मां अपने बच्चों सहित छुप जाया करती ! मुर्गी मां से मिलने में कई बार नाकाम रहने के बाद बाज़ मां को बेहद गुस्सा आया और उसने सारे जंगल में ये ऐलान कर दिया कि, अगर वो अपने बच्चों के लिए पंखों वाली पोशाक नहीं सिल पाई तो वो, मुर्गियों से उनकी पंख पोशाक छीन लिया करेगी, इसीलिए तब से लेकर आज तक बाज़ परिजन, मुर्गियों का शिकार करते हैं और मुर्गियां अपने पंजों से जमीन खुरचती और उसमें वापस मिट्टी भरती रहती हैं ताकि उन्हें बाज़ मां की खोई हुई सुई मिल जाए...