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मंगलवार, 19 जून 2018

किन्नर - 21

सामान्य काल 395 के बाद किन्नर यूट्रोपियस नेरोम के नये सम्राट आर्केडियस का विवाह ऐलिया यूडोक्सिया से करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कियाजबकि प्रमुख मंत्री रुफिनस युवा किन्तु कमजोर इच्छा शक्ति वाले सम्राट से अपनी पुत्री का विवाह करवाने का इच्छुक नहीं था । यूट्रोपियस के हस्तक्षेप से यह बाधा दूर हुई और रूफिनस का क़त्ल कर दिया गया । इसके बाद रोमन दरबार में यूट्रोपियस का दबदबा बढ़ गया और उसे काउन्सिलर बना दिया गया और वो शीघ्र ही सम्राट आर्केडियस का प्रमुख परामर्शदाता बन बैठा ।

सामान्य काल 398 में रोम पर हूण आक्रमण की विफलता के बाद उसकी शक्ति और भी बढ़ गई । गौर तलब है कि उसे थियोडोसियस के महल में किन्नर बतौर प्रवेश मिला था और वो रोमन इतिहास में सम्राट की नजदीकियां तथा काउन्सिलर का पद पाने वाला प्रमुख किन्नर था । हालांकि सेना प्रमुख गैनास तथा साम्राज्ञी यूडोक्सिया से सम्बन्ध खराब हो जाने के कारण सेकाउन्सिलर बनने के एक वर्ष के भीतर ही उसका पतन प्रारंभ हो गया । मुख्यमंत्री रुफिनस की हत्या के बाद  काउन्सिलर रहते हुए उसकी छवि एक लालची और क्रूर व्यक्ति जैसी बन गई थी ।

रोमन सामाजिक मान्यताओं में किसी किन्नर का काउन्सिलर बन जाना एक अतुलनीय अभिशाप था अतः यूट्रोपियस को इसकी कीमत चुकानी पड़ी । पहले उसे निर्वासन पर साइप्रस भेजा गया और फिर वापस बुला कर आरोपित किया गया तथा सामान्य काल 399 में उसका सिर कलम कर दिया गया ।  अगर हम यूट्रोपियस के उत्थान और पतन के समेकित कालखंड की गणना करने की सोचें तो इस निष्कर्ष पर पहुंचेंगे कि वो जितनी शीघ्रता से शिखर पर पहुंचा थाउतनी ही तेज गति से मिट्टी में मिल गया । 

उसने सम्राट आर्केडियस की यौन कामना  की पूर्ति में सहयोग के लिये प्रमुख मंत्री रुफिनस को रास्ते से हटवाने का कार्य कियारुफिनस जोकिविवाह के लिये चुनी गई युवती ऐलिया यूडोक्सिया का पिता थाकी हत्यानि:संदेह एक दुस्साहसी कृत्य था और जिसके प्रतिक्रियात्मक परिणाम को टाला नहीं जा सकता था । बहरहाल यूट्रोपियस वैवाहिक आयोजन की सफलता के आधार पर सम्राट की निकटता हासिल कर सका । राजतान्त्रिक समाजों में इस तरह के निर्णयों को परिकलित  जुआ खेलना अथवा दांव लगाना ही माना जाएगा । उसने यह किया और जीवन हार गया ।   

सोमवार, 18 जून 2018

किन्नर - 20

ईसा पूर्व प्रथम शताब्दी में किन्नर पोथीनस, मिस्र का सर्वाधिक शक्तिशाली व्यक्ति था । उन दिनों रोमन संसार में किन्नरों के प्रति सांस्कृतिक पूर्वाग्रह मौजूद थे अतः रोमन जादूगरों द्वारा पोथीनस को खलनायक के तौर पर चित्रित किया गया । पोथीनस के विरुद्ध आरोप था कि उसने फिरऔन टॉलेमी 13 को उसकी बहन क्लियोपेट्रा के विरुद्ध भड़काया था । उल्लेखनीय है कि क्लियोपेट्रा, कालान्तर में फिरऔन की पत्नि बनी । जब महान पोम्पेयी, सीजर के हाथों पराजित होकर, मिस्र भाग आया, तब उसका सिर कलम कर दिया गया । 

कहते हैं कि यह सब पोथीनस के नेतृत्व में किया गया । इतना ही नहीं पोथीनस ने सीजर के मिस्र आगमन पर सीजर का भी उपहास किया, चूंकि सीजर, रोमन कवि केटुलस के अपमान जनक छंदों / उपहास के बावजूद केटुलस को क्षमा कर स्वयं के सहनशील और क्षमाशील व्यक्ति होने का परिचय दे चुका था सो उसने पोथीनस को भी क्षमा कर दिया जबकि पोथीनस किन्नर था और उसे प्रचलित रोमन मान्यताओं के अनुसार खलनायक के तौर पर दण्डित किया जा सकता था ।

बहरहाल कुछ समय बाद पोथीनस ने सीजर की हत्या का षड्यंत्र रचा तो सीजर ने उसे मृत्यु दंड देकर क्लियोपेट्रा को सिंहासन सौंप दिया । इस वृत्तांत को गौर से देखा जाए तो किन्नर पोथीनस, फिरऔन का निकटस्थ व्यक्ति था और उसे सीधे सीधे राज्याश्रय प्राप्त था, किन्तु उसने ना केवल क्लियोपेट्रा के विरुद्ध फिरऔन को उकसाया बल्कि विजेता रोमन सेनापतियों / सम्राटों के विरुद्ध होने वाली गतिविधियों में प्रखर / मुखर सहभागी बना रहा ।

उसे भलीभांति ज्ञात था कि रोमन सामाजिक जगत में किन्नरों को हेय दृष्टि से देखा जाता है और वो स्वयं, विशेष रूप से रोमनों के निशाने पर था क्योंकि वह मिस्र के सत्ता शिखर समूह का महत्वपूर्ण हिस्सा था । इसके बावज़ूद उसने अपने स्वभाव, अपनी षड्यंत्रकारी गतिविधियों में लेशमात्र भी बदलाव नहीं किया, जबकि उसे गरिमामय जीवन जीने के अनेक अवसर प्राप्त हुए । सीजर के द्वारा दिये गये अभयदान से भी उसने कोई नसीहत नहीं ली बल्कि सीजर की हत्या का षड्यंत्र रचकर, अपनी इहलोक लीला समाप्ति का कारण स्वयं बना ।  

रविवार, 17 जून 2018

किन्नर - 19

रोमन सम्राट क्लाडियस अपने अंतर्मुखी स्वभाव और अतिबौद्धिकता की प्रवृत्ति के कारण से अक्सर उन गतिविधियों में लिप्त बना रहता जो कि उसे अलोकप्रिय बना रही थीं । उसके सामने छोटी छोटी चुनौतियाँ थीं, जैसे कि उसकी भतीजी अग्रिप्पिना जोकि उसकी अनेकों पत्नियों में से अंतिम थी और जो अपने सौतेले पुत्र नीरो को इसलिए ज़हर देना चाहती थी ताकि उसे सिंहासन के रास्ते से हटाया जा सके, संभवतः सम्राट क्लाडियस को इसका आभास था सो उसने किन्नर हेलोटस को विशेष सहायक के तौर पर तैनात किया ।

जिसे शहज़ादे नीरो के भोजन को,पहले स्वयं चखना पड़ता था, हालांकि अग्रिप्पिना बेहद शातिर महिला थी । उसने सामान्य काल 54 में हेलोटस को रिश्वत देकर सम्राट क्लाडियस के पसंदीदा मशरूम में जहरीला पदार्थ मिलाने का प्रबंध कर दिया था । संयोगवश सम्राट क्लाडियस ने ज़हरीले भोजन वाले बर्तन को ठोकर मार दी थी, जिससे कि सुनियोजित षड्यंत्र असफल हो गया और हेलोटस षड्यंत्रकारी होने के आरोप से बच गया । कहते हैं कि सामान्य काल  68 में सम्राट गाबा ने हेलोटस को दरबार में मुख्तार / पैरोकार के तौर पर पदोन्नति दे दी थी ।

यह कथानक रोमन साम्राज्य में सत्ता के षड्यंत्र की केन्द्र बिंदु साम्राज्ञी अग्रिप्पिना के साथ हेलोटस की सहभागिता और उसके विश्वासघात को उजागर करता है । बहुत संभव है कि हेलोटस, साम्राज्ञी अग्रिप्पिना की जय में स्वयं की विजय का स्वप्न भी देख रहा हो ? शायद उसे अपनी यश कीर्ति और श्री वृद्धि के लिये पुरुष सम्राट की तुलना में, सत्ता के शिखर पर मौजूद स्त्री, अधिक माकूल और निरापद लगी हो ? सम्राट क्लाडियस ने हेलोटस पर विश्वास किया और उसे शाही भोजन को चखने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी ।

एक किन्नर जिसके हाथों में भावी सम्राट नीरो का जीवन सौंप दिया गया, वो ही सत्ता के संघर्ष में षड्यंत्रकारियों के साथ जा मिला । भले ही ये षड्यंत्र, संयोगवश विफल हुआ और हेलोटस की भूमिका पर कोई प्रश्न चिन्ह नहीं लगाया गया बल्कि आगत समय के दरबार में उसकी पदोन्नति भी हो गई, किन्तु रोमन राजनैतिक इतिहास में किन्नर हेलोटस को सदैव विश्वासघाती व्यक्ति के तौर पर याद किया जाएगा ।   

शनिवार, 16 जून 2018

किन्नर - 18

बागोअस, पर्सियन सम्राट के निकटस्थ, अनेकों ख्यातनाम किन्नर में से एक था, जिसके बारे में मशहूर था कि वह सिकंदर महान के साथ समलैंगिक प्रणय संबंधों में रह चुका था । डायोडोरस सिकुलस के मतानुसार किन्नर बागोअस सामान्य काल 4थी शताब्दी के पूर्व सम्राट अरटाजेरक्सेस 3 का सलाहकार रह चुका था और वो सम्राट अरटाजेरक्सेस 3 का सैन्य कमांडर था और उसे साम्राज्य के महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों में कार्य करने का अनुभव प्राप्त था ।

डायोडोरस सिकुलस यह भी मानता है कि किन्नर बागोअस ने सिंहासन के लिये सम्राट अरटाजेरक्सेस 3 और उसके युवा पुत्र एरसेस को जहर दे दिया था । इतना ही नहीं उसने एरसेस के बच्चों को भी मार डाला था और डेरियस नाम के व्यक्ति को सिंहासन सौंप दिया था, हालांकि कुछ समय बाद उसने डेरियस को भी ज़हर देने की योजना रची थी लेकिन डेरियस इस योजना को जान गया और उसने बागोअस को वही ज़हर पीने के लिये मजबूर कर दिया जोकि डेरियस के लिये तैयार किया गया था ।

डायोडोरस सिकुलस के विवरण वाले किन्नर बागोअस और सिकंदर महान (356 ई.पू.– 323 ई.पू.) से समलैंगिक प्रणय सम्बन्ध रखने वाले किन्नर बागोअस के नाम में समरूपता भले ही हो, किन्तु काल खंड के वैषम्य के कारण इन्हें एक व्यक्ति माना जाना उचित नहीं होगा । सिकंदर महान का सामीप्य जिस किन्नर बागोअस को मिला, नि:संदेह वो भी सत्ता के शीर्ष पर मौजूद व्यक्ति था और जिस किन्नर बागोअस का उल्लेख डायोडोरस सिकुलस ने किया है, वह भी सत्ता शिखर पर मौजूद व्यक्ति था । 

अंतर केवल यह है कि सिकंदर महान का प्रणय संगी किन्नर बागोअस समलैंगिकता के लिये चर्चा में बना रहा जबकि दूसरा किन्नर बागोअस, सम्राट अरटाजेरक्सेस 3 का सलाहकार, सेनापति, योद्धा, प्रशासनिक अनुभवों से लैस व्यक्ति था, किन्तु उसने अपने नियोक्ता / संरक्षक सम्राट के साथ छल किया । सम्राट अरटाजेरक्सेस 3 और उसकी संतान एरसेस असमय काल कवलित हुए,जिसके लिये विश्वासघाती किन्नर बागोअस उत्तरदाई था । उसने सत्ता परिवर्तन का षड्यंत्र किया और स्वयं भी उसी अग्नि में स्वाहा हो गया ।