मंगलवार, 23 अक्तूबर 2018

आखेटक का दुःख

एक दिन कौव्वे ने देखा कि बाज़ ने नीचे की ओर उड़ान भर के एक मेमने को अपने पंजों में दबोच लिया और उसे खाने के लिए ऊंचे पहाड़ पर ले गया ! कौव्वे ने सोचा ये तो बहुत आसान है ! वो भूखा था, सो उसने बाज़ की तर्ज़ पर नीचे की ओर उड़ान भरी और एक भारी भरकम भेड़ को अपने पंजों में दबोच लेना चाहा, लेकिन वो, वज़नी भेड़ को ऊपर नहीं उठा सका, यहां तक कि उसके पंजे  भेड़ के ऊन में बुरी तरह से फंस गए और वो खुद भी भेड़ से अपना पिंड नहीं छुड़ा पाया ! ऊन में उलझे हुए कौव्वे को चरवाहे ने देखा और पकड़ कर, उसके पंख कतर दिए, इसके बाद कौव्वे को अपना पालतू बनाने के लिए अपने घर ले गया ! तब से लेकर आज तक वो कौव्वा, दूसरे कौव्वों को  सावधान करता रहता है कि वे ज़िंदा भेड़ से दूर रहें...